जो व्यक्ति कभी इंजीनियर क्या होता है ये नहीं जानता था की इंजीनियरिंग क्या होती है और जेईई मेन एग्जाम क्या होता है।
लेकिन अगर प्रतिभा हो तो सफलता व्यक्ति के कदम जरूर चूमती है ऐसा ही कर दिखाया है राजस्थान के भीलन गाँव के रहने वाले लेखराज ने लेखराज ने जेईई मेन परीक्षा में सफलता हासिल की है एक वक्त ऐस अतः जब लेखराज को ये भी पता नहीं था की जेईई मेन एक्जाम क्या होता है।
आज उसी शख्स ने परीक्षा पास की और इसके साथ ही वह गांव का पहला इंजीनियर बन गया लेकराज ने पहली बार में ही जेईई मेन एक्जाम को पास किया है उसके माता पिता झालावाड़ के मोगायबेह भीलन गांव के मनरेगा मजदूर है वह राजस्थान के अपने आदिवासी गांव में पहला व्यक्ति है जेईई मेन में चयनित हुआ है।
लेखराज ने कहा की मेरे पेरेंट्स हमेशा ये सोचते थे की एक दिन उनका बेटा पढ़लिखकर हमे लेबर का काम से निकल लेगा हमारे हालत शायद पहले से बदल जाये और अभी उन्हें ये ही आशा है लेखराज के पिता ने बताया की वो नहीं जानते की इंजीनियर क्या होता है में तो सपना में भी नहीं सोह सकता था मेरा बेटा ग्रेजुएट हो जायेगा।
आज मैं ये सोचकर खुश हूं कि मेरा बेटा भील समुदाय और गांव में पहला इंजीनियर बनने जा रहा है बता दें कि लेखराज ने दसवीं की बोर्ड परीक्षा में भी 93.83 प्रतिशत अंक लाकर झालावाड़ जिले में टॉप किया था।
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