रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने जम्मू कश्मीर को विशेष दर्जा दिलवाने वाले अनुच्छेद 370 और 35 A को हटाने के लिए जमीनी कार्यो की शुरुआत पिछली सरकार के दौरान ही कर दी थी।
यानि की 2014 में ही मोदी सरकार इस काम में जुट चुकी थी इसके साथ हु उन्होंने जोर दिया की सशस्त्र बल पश्चिमी मोर्चे पर किसी भी सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार है।
एक थिंक टेंक को सम्बोधित करते हुए रक्षा मंत्री ने कश्मीर पर भारत के फैसले के बाद जम्मूकश्मीर में स्थति नहीं बिगड़ने देने के लिए सशत्र बलों सरहाना की उन्होंने कहा की हमे सबसे बड़ी आशंका अपने पड़ोसी से है।
आप अपने मित्र बदल सकते है लेकिन आपके पास पड़ोसी चुनने का विकल्प नहीं होता में प्रार्थना करता हु की किसी भी देश को हमारे जैसे पड़ोसी न मिले रक्षा मंत्री ने कहा की सविंधान के अनुच्छेद 370 के ज्यादातर प्रावधानों को समाप्त करने और जम्मू कश्मीर को दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित करने के सरकार के फैसले से ‘‘भेदभाव’’ को समाप्त कर दिया है, जिसका सामना लोग 70 वर्षों से कर रहे रहे थे।
उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार के पहले कार्यकाल के दौरान इस मुद्दे के स्थायी समाधान की दिशा में जमीनी पहल की गई थी उन्होंने कहा की इस फैसले का कुछ प्रभाव तो होगा क्योंकि हमारे इस फैसले से हमारा पड़ोसी खुश नहीं है और वह शांति भंग करने की कोशिश कर सकता है रक्षा मंत्री ने कहा की हमारी सेना इसके लिए पूरी तैयार है।
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